अश्विनी वैष्णव ने आईफोन सब्सिडी का बचाव किया, कर और रोजगार के आंकड़े पेश किए

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की आईफोन निर्माण सब्सिडियों की आलोचना का जवाब देते हुए कर राजस्व और रोजगार सृजन पर जोर दिया।

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Aapla Nagpur Desk
28 Oct 2026, 10:51 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: Indiatoday
अश्विनी वैष्णव ने आईफोन सब्सिडी का बचाव किया, कर और रोजगार के आंकड़े पेश किए
खास बातें
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वैष्णव ने आईफोन निर्माण सब्सिडियों से जुड़े 3.25 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह का उल्लेख किया।

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PLI योजना ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में लगभग 12 लाख नौकरियों का सृजन किया है।

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आलोचकों ने भारत के आईफोन उत्पादन की आर्थिक मूल्यता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कई घटक आयातित हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत सरकार की आईफोन निर्माण सब्सिडियों का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने एक आलोचनात्मक ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के जवाब में कहा कि उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना ने 3.25 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व उत्पन्न किया है और देश में लगभग 12 लाख नौकरियों का सृजन किया है। यह टिप्पणी 27 अक्टूबर को की गई, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर आधिकारिक आंकड़े साझा किए।

इस बहस का संदर्भ भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र की निरंतर चर्चा से जुड़ा है। आलोचकों का तर्क है कि करदाताओं के पैसे से दी गई सब्सिडियां पर्याप्त घरेलू मूल्य नहीं दे रही हैं, क्योंकि आईफोन के कई घटक अभी भी आयातित हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने इस चर्चा को फिर से जीवित कर दिया, जिसके जवाब में वैष्णव ने कहा कि PLI योजना ने न केवल कर राजस्व को बढ़ाया है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें कुल 25 लाख लोग कार्यरत हैं।

अपने बचाव में, वैष्णव ने विशिष्ट आंकड़े प्रस्तुत किए, यह बताते हुए कि सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है जबकि 25,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर और 3 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह किया है। उन्होंने PLI पहल को एक वित्तीय सफलता के रूप में प्रस्तुत किया, आलोचकों की उस धारणा का खंडन करते हुए कि भारत केवल उत्पादों को असेंबल कर रहा है। उन्होंने आलोचकों को "कोप हार्डर" कहकर अपनी आत्मविश्वास को व्यक्त किया।

इस बहस के प्रभाव तत्काल आर्थिक आंकड़ों से परे हैं। जैसे-जैसे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरता है, PLI योजना की प्रभावशीलता देश में निर्माण के भविष्य को आकार दे सकती है। एप्पल के भारत में उत्पादन बढ़ाने के साथ, भारत अब वैश्विक स्तर पर दूसरे सबसे बड़े मोबाइल निर्माता के रूप में उभरा है, जहां स्मार्टफोन निर्यात 2025 में 30 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह वृद्धि भारत के निर्माण परिदृश्य में एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है।

आगे देखते हुए, सरकार PLI योजना को बढ़ावा देना जारी रखेगी जबकि आयातित घटकों पर निर्भरता के मुद्दों को संबोधित करेगी। जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र विकसित होता है, घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस क्षेत्र में भविष्य के विकासों पर करीबी नजर रखी जाएगी क्योंकि भारत उच्च तकनीक निर्माण में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

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