नेपाल में बाढ़: जान-माल का भारी नुकसान और बचाव कार्य जारी
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भयंकर बाढ़ ने 392 लोगों की जान ले ली है, जबकि लगभग 1,500 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल पुलिस ने पुष्टि की है कि 796 लोगों, जिनमें 50 विदेशी भी शामिल हैं, को हेलीकॉप्टरों के माध्यम से बचाया गया है, जबकि अन्य 796 को जमीन के रास्ते निकाला गया है। खोज और बचाव कार्य जारी है, क्योंकि अधिकारियों ने आठ जिलों से शवों की बरामदगी की है, जिसमें चितवन और नवलपरासी पूर्व सबसे अधिक प्रभावित हैं।
इस आपदा के मद्देनजर, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट संघ ने राहत प्रयासों के लिए 31 मिलियन डॉलर की आपातकालीन अपील की है। यह धनराशि तात्कालिक आपदा प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक पुनर्प्राप्ति पहलों में मदद करेगी। इसी बीच, पड़ोसी श्रीलंका ने 1 मिलियन डॉलर की सहायता की पेशकश की है, जो इस संकट के दौरान क्षेत्रीय एकजुटता को दर्शाती है। स्थिति गंभीर बनी हुई है, क्योंकि वैज्ञानिक बाढ़ के कारणों की जांच कर रहे हैं, जो जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर के ढहने से जुड़े होने की संभावना है।
बड़ी तस्वीर: जैसे-जैसे बचाव कार्य जारी हैं, ध्यान हिमालय में ऐसे आपदाओं के मूल कारणों को समझने पर केंद्रित हो रहा है, जहां पिघलते ग्लेशियर स्थानीय समुदायों के लिए बढ़ते जोखिम पैदा कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सहायता प्रदान करने के लिए एकजुट हो रहा है, जो जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर आपदा तैयारी की तत्काल आवश्यकता को उजागर करता है।



