यूके पीएम एंडी बर्नहैम ने दासता के लिए माफी देने की इच्छा जताई

यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने ब्रिटेन की ऐतिहासिक भूमिका के लिए औपचारिक माफी देने की इच्छा जताई है, लेकिन वित्तीय मुआवजे को खारिज किया है।

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Aapla Nagpur Desk
31 Oct 2026, 6:00 PM IST · 3 मिनट वाचन
Source: The Hindu
यूके पीएम एंडी बर्नहैम ने दासता के लिए माफी देने की इच्छा जताई
खास बातें
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बर्नहैम ने दासता पर संवाद की आवश्यकता को स्वीकार किया, जो कॉमनवेल्थ प्रमुखों की बैठक से पहले आया है।

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यूके सरकार औपचारिक माफी पर विचार कर रही है, लेकिन वित्तीय मुआवजे को खारिज कर दिया है।

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जिम्मेदारी की मांगें बढ़ी हैं क्योंकि किंग चार्ल्स III कैरेबियन का दौरा कर रहे हैं, जो ऐतिहासिक अन्यायों को उजागर कर रहा है।

यूके के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने ब्रिटेन की दासता के व्यापार में ऐतिहासिक भूमिका के लिए औपचारिक माफी देने की इच्छा व्यक्त की है। यह बयान 30 अक्टूबर 2026 को द गार्जियन में प्रकाशित एक लेख में दिया गया, जो कॉमनवेल्थ प्रमुखों की बैठक (CHOGM) से कुछ दिन पहले आया है, जो एंटीगुआ और बारबुडा में होने वाली है। बर्नहैम के इस बयान के साथ, भारत जैसे देशों से ब्रिटेन के औपनिवेशिक अतीत को स्वीकार करने की मांगें बढ़ रही हैं।

इतिहास में, ब्रिटेन ने ट्रांसअटलांटिक दास व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें लगभग तीन मिलियन अफ्रीकियों को अमेरिका के अपने उपनिवेशों में काम करने के लिए ले जाया गया। ब्रिटिश सरकार ने 1807 में दास व्यापार को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जबकि पूर्ण समाप्ति 1833 में हुई। हालांकि, सभी दासों को 1838 तक स्वतंत्रता नहीं मिली। उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश सरकार ने दास मालिकों को 20 मिलियन GBP का मुआवजा दिया, जो उस समय के वार्षिक बजट का 40% था। बर्नहैम ने यह भी बताया कि मैनचेस्टर की कपड़ा उद्योग दासों के श्रम पर आधारित थी।

अपने लेख में, बर्नहैम ने दासता पर चर्चा करने की आवश्यकता को स्वीकार किया और कहा कि इस मुद्दे की अनदेखी करने से कॉमनवेल्थ की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है। उन्होंने ट्रांसअटलांटिक दास व्यापार से प्रभावित देशों के साथ संरचित संवाद शुरू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उनके बयान उस समय आए हैं जब किंग चार्ल्स III कैरेबियन का दौरा कर रहे हैं, जहां उन्होंने ऐतिहासिक अन्यायों के कारण हुए दुख को स्वीकार किया, लेकिन माफी देने से पीछे हट गए।

प्रधानमंत्री के इस बयान का स्वागत बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मॉटले ने किया, जिन्होंने मुआवजे पर भिन्न दृष्टिकोणों को स्वीकार किया। जबकि कुछ देश वित्तीय मुआवजे की मांग कर रहे हैं, बर्नहैम ने इस विचार को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि समकालीन ब्रिटिश नागरिकों को ऐतिहासिक गलतियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके बजाय, उन्होंने घोषणा की कि पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन कुछ गरीब कॉमनवेल्थ देशों के लिए ऋण पुनर्गठन पहल का नेतृत्व करेंगे।

आगे देखते हुए, यूके सरकार दासता और औपनिवेशिकता की विरासत पर चर्चा जारी रखने की उम्मीद कर रही है, जिसमें संवाद और समझ को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। जैसे-जैसे कॉमनवेल्थ प्रमुखों की बैठक निकट आती है, ब्रिटेन की ऐतिहासिक जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करना भविष्य के संबंधों को आकार दे सकता है और मुआवजे और पिछले अन्यायों की स्वीकृति पर चर्चा को प्रभावित कर सकता है।

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