ट्रम्प ने राष्ट्रीय हित में रूसी तेल पर प्रतिबंधों को हटाया

राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है, जिसे राष्ट्रीय हित में बताया गया है।

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Aapla Nagpur Desk
17 Oct 2026, 7:30 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: The Hindu
ट्रम्प ने राष्ट्रीय हित में रूसी तेल पर प्रतिबंधों को हटाया
खास बातें
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ट्रम्प ने 16 अक्टूबर, 2026 को ग्रहम अधिनियम के तहत प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की।

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यह निर्णय रूसी तेल और गैस की खरीद पर कोई शुल्क नहीं लगाने की अनुमति देता है।

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यूक्रेनी अधिकारियों ने इस निर्णय की आलोचना की, इसे 'कमजोर निर्णय' बताया।

एक महत्वपूर्ण विकास में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 16 अक्टूबर, 2026 को घोषणा की कि वह रूसी तेल और गैस की खरीद से संबंधित प्रतिबंधों, शुल्क और सीमाओं को हटा रहे हैं। इस निर्णय को अमेरिकी राष्ट्रीय हित में बताया गया है। ट्रम्प ने कांग्रेस को इस छूट के समर्थन में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की बात कही है, जिसे वह इस समय आवश्यक मानते हैं।

ये प्रतिबंध ग्रहम अधिनियम के तहत स्थापित किए गए थे, जो राष्ट्रपति को रूसी ऊर्जा संसाधनों के प्रमुख खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक के शुल्क लगाने की अनुमति देता है। यह कानून रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों, साथ ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे प्रमुख व्यक्तियों को लक्षित करता है। ट्रम्प का कार्यकारी आदेश विशेष रूप से इन प्रतिबंधों को हटाने की बात करता है, जो रूस से ऊर्जा आयात के संबंध में अमेरिकी नीति में बदलाव को दर्शाता है।

इस छूट के प्रभाव महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह अमेरिकी कंपनियों को भारी शुल्क के बिना रूसी तेल और गैस खरीदने की अनुमति देती है। यह निर्णय ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने की संभावना रखता है, जो आपूर्ति और मूल्य निर्धारण के गतिशीलता को बदल सकता है। इस निर्णय पर यूक्रेनी अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है, जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे 'कमजोर निर्णय' बताया है, जो इस घोषणा के बाद की कीव और वाशिंगटन के बीच तनाव को दर्शाता है।

इस निर्णय का व्यापक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी पड़ सकता है, खासकर यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए। यूक्रेनी बलों ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं, और अमेरिकी छूट इस भू-राजनीतिक परिदृश्य को और जटिल बना सकती है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय रूस को उसके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराने के प्रयासों को कमजोर करता है और आगे की आक्रामकता को बढ़ावा दे सकता है।

आगे देखते हुए, कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से प्रतिक्रियाएँ आने की उम्मीद है। बाइडेन प्रशासन, जिसने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों पर एक अलग रुख अपनाया है, इस महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन पर प्रतिक्रिया देने के लिए दबाव का सामना कर सकता है। पर्यवेक्षक इस बात पर ध्यान देंगे कि यह छूट अमेरिकी-रूस संबंधों और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को कैसे प्रभावित करती है, साथ ही आने वाले हफ्तों में कांग्रेस से संभावित विधायी प्रतिक्रियाएँ भी देखी जाएंगी।

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