सुप्रीम कोर्ट में INDIA ब्लॉक नेताओं के विरोध के बाद भीड़ जमा
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं के विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ी भीड़ इकट्ठा हुई।
सुप्रीम कोर्ट में एक भीड़ जमा होने के मामले में याचिका दायर की गई है।
विपक्षी नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के निर्णयों के खिलाफ विरोध किया।
मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें उस बड़ी भीड़ के बारे में बताया गया है जो चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं के विरोध के बाद कोर्ट परिसर में इकट्ठा हुई। यह घटना 12 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई, जब राहुल गांधी समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के निर्णयों को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्र्री की ओर मार्च किया।
यह विरोध चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के खिलाफ असहमति व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ताओं गौरव भाटिया और महेश जेटमलानी ने इस मामले को मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत के समक्ष रखा, जिन्होंने इसे गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
इस विरोध के दौरान राहुल गांधी, मलिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, एसपी नेता अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे नेता मौजूद थे। उनके मार्च ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण भीड़ जमा कर दी, जिससे परिसर में हलचल मच गई।
इस घटना के व्यापक प्रभाव हैं, क्योंकि यह विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच चल रहे तनाव को उजागर करता है। न्यायिक स्थलों पर ऐसे बड़े राजनीतिक प्रदर्शन की उपस्थिति सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों के संचालन के संबंध में सवाल उठाती है।
आगे देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट का गुरुवार को मामले की सुनवाई करना महत्वपूर्ण होगा। यह देखना बाकी है कि अदालत याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को कैसे संबोधित करेगी और न्यायिक संस्थानों के आसपास राजनीतिक प्रदर्शनों के लिए इसके क्या परिणाम होंगे।




