सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के मामले की सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई 10 दिन के लिए टाल दी है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई 10 दिन के लिए टली।
कर्नाटका के मतदाता सूची से 99.32 लाख नाम हटाए गए।
सुप्रीम कोर्ट की जांच के बीच ECI ने Form 6 में बदलाव का बचाव किया।
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2026 को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई को 10 दिन के लिए टाल दिया। इस निर्णय से याचिकाकर्ताओं, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल हैं, को ECI द्वारा प्रस्तुत हलफनामे का जवाब देने का समय मिल गया है।
इस कानूनी विवाद का संदर्भ कर्नाटका में विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों से जुड़ा है। हाल ही में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 99.32 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता संख्या लगभग 5.54 करोड़ से घटकर 4.55 करोड़ हो गई है। यह संशोधन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि केवल योग्य मतदाता ही मतदाता सूची में शामिल हों, जो विवाद और विरोध को जन्म दे रहा है।
इन घटनाक्रमों के बीच, राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने का दबाव डालने का आग्रह किया है, यह कहते हुए कि ऐसा करने से चल रहे विरोध तुरंत बंद हो जाएंगे। गांधी की टिप्पणियाँ चुनावी प्रक्रिया के चारों ओर बढ़ती राजनीतिक तनाव को उजागर करती हैं।
ECI ने Form 6 में हालिया संशोधनों को लेकर आलोचना का सामना किया है, जो उन मतदाताओं के पुनः नामांकन को सुविधाजनक बनाने के लिए हैं जिनके नाम SIR के दौरान हटा दिए गए थे। आयोग का कहना है कि ये परिवर्तन चुनावी प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं, भले ही उन पर अवैध आवश्यकताएँ पेश करने का आरोप लगाया गया हो। सुप्रीम कोर्ट ने इन परिवर्तनों की आगे जांच करने का संकेत दिया है, जो ECI के कार्यों की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठाता है।
आगे देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम ज्ञानेश कुमार की स्थिति और चुनावी संशोधनों की वैधता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे। जैसे-जैसे राजनीतिक परिदृश्य विकसित होता है, इन सुनवाइयों के प्रभाव कर्नाटका में गूंजेंगे और संभवतः भारत में व्यापक चुनावी ढांचे को प्रभावित करेंगे।




