राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में आतंकवाद पर की चर्चा

ताजिकिस्तान में SCO बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Aapla Nagpur Desk
20 Oct 2026, 1:21 PM IST · 2 मिनट वाचन
Source: Hindustan Times
राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में आतंकवाद पर की चर्चा
खास बातें
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राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को विकास के लिए गंभीर खतरा बताया।

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उन्होंने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों का विरोध किया।

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सिंह की टिप्पणियाँ पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार की उपस्थिति में की गईं।

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई पर जोर दिया। मंगलवार को सिंह ने कहा कि आतंकवाद विकास के लिए एक गंभीर चुनौती है, जो न केवल निर्दोष जीवन को प्रभावित करता है बल्कि आर्थिक गतिविधियों और निवेश पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उनकी टिप्पणियाँ पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार की उपस्थिति में की गईं।

सिंह ने कहा कि आतंकवाद के लिए कोई औचित्य नहीं हो सकता और इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "इससे निपटने में कोई दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए। आतंकवादियों को वित्तपोषण करने वालों या उन्हें सुरक्षित ठिकाना देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।" यह बयान भारत की आतंकवाद के प्रति दीर्घकालिक स्थिति के अनुरूप है, विशेष रूप से पाकिस्तान के आतंकवादी गतिविधियों के समर्थन के आरोपों के संदर्भ में।

सिंह ने आतंकवाद के समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को भी उजागर किया, विशेष रूप से युवाओं के अवसरों पर इसके प्रभाव को। उन्होंने कहा कि आतंकवाद न केवल शांति को बाधित करता है बल्कि आर्थिक विकास और प्रगति को भी रोकता है। सिंह की टिप्पणियाँ इशाक डार की उपस्थिति में की गईं, जो इस जटिल कूटनीतिक स्थिति का प्रतीक है।

भारत की आतंकवाद पर स्थिति लगातार रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले आतंकवाद के समर्थन करने वाले पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। SCO में चल रही यह चर्चा क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर आतंकवाद के प्रभावों के बारे में सदस्य देशों की व्यापक चिंता को दर्शाती है।

आगे देखते हुए, सिंह की SCO बैठक में भागीदारी ताजिकिस्तान में दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा का हिस्सा है। उनकी उपस्थिति भारत की सुरक्षा मुद्दों पर क्षेत्रीय भागीदारों के साथ जुड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे चर्चाएँ आगे बढ़ेंगी, सदस्य राज्यों के बीच आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

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