इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने सीएम के बंगले के बाहर दो शव रखे

मणिपुर के मुख्यमंत्री के निवास के बाहर दो व्यक्तियों के शव रखकर प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया।

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Aapla Nagpur Desk
19 Oct 2026, 3:31 PM IST · 2 मिनट वाचन
Source: TOI
इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने सीएम के बंगले के बाहर दो शव रखे
खास बातें
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संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा मारे गए दो व्यक्तियों के शवों के साथ प्रदर्शन हुआ।

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प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव में आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

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मणिपुर में मई 2023 से हिंसा बढ़ रही है, जिसमें कई घटनाएं शामिल हैं।

सोमवार को, मणिपुर के इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री य खेमचंद सिंह के बंगले के बाहर दो व्यक्तियों के शव रखकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय अरुबम रोनिल और 51 वर्षीय लैरेंलाकपम इनाओबी के रूप में हुई है। ये दोनों संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा मारे गए थे, जो इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास हुए थे। यह घटना मई 2023 से प्रभावित क्षेत्र में चल रही हिंसा में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाती है।

प्रदर्शन तब हुआ जब ये लोग अपने गांव के पास पहाड़ियों में लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने शवों को मुख्यमंत्री के निवास में ले जाकर उनके खिलाफ जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की। यह स्पष्ट नहीं है कि मुख्यमंत्री उस समय निवास पर थे या नहीं, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

अधिकारियों के अनुसार, हमले में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक, कश देवेन, गंभीर स्थिति में है। यह हिंसा खोंगबाल सुनुरोक उयोक में हुई, जो नोंगशुम गांव के पास कुछ मीटर की दूरी पर है। अधिकारियों ने इस घटना के बाद तीन व्यक्तियों की तलाश भी शुरू कर दी है, जो अभी भी लापता हैं।

हाल के दिनों में मणिपुर में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें कांगजोंग जिले में कुकि समुदाय के 15 से अधिक घरों को जलाने की घटना शामिल है। इस हमले ने कई निवासियों को जंगलों और नजदीकी सेना के शिविर में भागने के लिए मजबूर किया। रिपोर्टों के अनुसार, एक कुकि नागरिक की हत्या कर दी गई और कई अन्य घायल हुए, जो क्षेत्र में विभिन्न समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

आगे देखते हुए, मणिपुर की स्थिति नाजुक बनी हुई है क्योंकि अधिकारियों को बढ़ती हिंसा और सामुदायिक अशांति का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार के सामने सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और शांति बहाल करने का दबाव है, जिसमें हाल की घटनाओं की जांच करने और कमजोर समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

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