नेतन्याहू ने उड़ान हमले के बाद भारतीय कप्तान स्मित मच्छार को सम्मानित किया

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उड़ान हमले के दौरान अपने साहसिक कार्यों के लिए कप्तान स्मित मच्छार को इजरायल आने का निमंत्रण दिया।

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Aapla Nagpur Desk
4 Oct 2026, 1:43 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: The Hindu
नेतन्याहू ने उड़ान हमले के बाद भारतीय कप्तान स्मित मच्छार को सम्मानित किया
खास बातें
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कप्तान स्मित मच्छार ने एक फ्लाइट को-पायलट के हमले से बचाया।

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नेतन्याहू ने मच्छार को 'सच्चा नायक' बताया और राष्ट्रीय समारोह में आमंत्रित किया।

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हमले में को-पायलट शामिल था, जिसने कथित तौर पर आतंकवादी कृत्य की योजना बनाई थी।

3 अक्टूबर, 2026 को, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबाई की उड़ान के भारतीय पायलट कप्तान स्मित मच्छार को इजरायल आने का निमंत्रण दिया। यह निमंत्रण मच्छार के साहसिक कार्यों के बाद आया, जब उन्होंने अपने सह-पायलट द्वारा हमले के बावजूद उड़ान को सुरक्षित रखा। नेतन्याहू ने मच्छार की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह न केवल भारत और इजरायल के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नायक हैं।

यह घटना तब हुई जब सह-पायलट ने प्रार्थना करने का अनुरोध किया और अचानक मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। मच्छार ने इस भयानक अनुभव का वर्णन करते हुए कहा कि उन्होंने पहले सोचा कि विमान को गंभीर नुकसान हुआ है, लेकिन जल्दी ही उन्हें एहसास हुआ कि खतरा सह-पायलट से था। चोटों के बावजूद, उन्होंने संघर्ष किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, अंततः यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की।

यूएई के जांचकर्ताओं ने सह-पायलट की कार्रवाई को एक योजनाबद्ध आतंकवादी कृत्य के रूप में वर्गीकृत किया है। यह चिंताजनक जानकारी उड़ानों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में सवाल उठाती है, विशेष रूप से उन उड़ानों में जिनमें कई चालक दल के सदस्य होते हैं। मच्छार की त्वरित सोच और साहस ने व्यापक मान्यता प्राप्त की है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अगले मई में इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का निमंत्रण मिला है, जो आमतौर पर इजरायली नागरिकों के लिए आरक्षित होता है।

इस घटना के प्रभाव केवल तत्काल सुरक्षा चिंताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विमानन में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को भी उजागर करते हैं। भारत और इजरायल के बीच सहयोग, विशेष रूप से विमानन सुरक्षा के संदर्भ में, आने वाले महीनों में चर्चा का एक प्रमुख बिंदु बनने की संभावना है। मच्छार के कार्यों ने न केवल जीवन को बचाया है, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को भी मजबूत किया है।

आगे देखते हुए, कप्तान मच्छार का इजरायल का निमंत्रण उनके साहस की महत्वपूर्ण मान्यता को दर्शाता है। स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी के साथ, उड़ानों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बढ़ती ध्यान केंद्रित होगी, साथ ही सह-पायलट के इरादों की जांच भी जारी रहेगी। भविष्य में समान घटनाओं को रोकने के लिए विमानन उद्योग में सख्त नियमों की मांग की जा सकती है।

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