मार्को रुबियो ने 21 अक्टूबर 2026 को जामनगर रिफाइनरी का दौरा किया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत के सबसे बड़े रिफाइनरी का दौरा, दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है।
मार्को रुबियो 21 अक्टूबर 2026 को जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी का दौरा करने पहुंचे।
जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी एकल-साइट रिफाइनरी है, जो 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की प्रोसेसिंग करती है।
रुबियो की यात्रा ऊर्जा, व्यापार और रक्षा में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 21 अक्टूबर 2026 को जामनगर, गुजरात में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी परिसर का दौरा करने पहुंचे। यह दौरा उनके हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग में "सुपरपावर" बताया था। यह यात्रा ऊर्जा, व्यापार और रक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय यात्रा का हिस्सा है।
रिलायंस का जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल एकल-साइट रिफाइनरी है, जिसमें 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की प्रोसेसिंग क्षमता है और इसकी जटिलता सूचकांक 21.1 है, जो विश्व में सबसे उच्च है। यह रिफाइनरी 216 से अधिक विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम है, जो इसे वैश्विक तेल उद्योग में एक अद्वितीय सुविधा बनाता है।
रुबियो के दौरे के दौरान, उनकी योजना रिफाइनरी परिसर का निरीक्षण करने की है, जो उनके द्वारा वेनेजुएला के कच्चे तेल को भारत में अधिक प्रोसेस करने की वकालत के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उनकी भारत यात्रा में गौतम अडानी और टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन जैसे प्रमुख व्यापार नेताओं के साथ बैठकें भी शामिल हैं, ताकि ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जा सके।
रुबियो की भारत में आगमन से पहले, उन्होंने मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक चर्चा की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों पर बातचीत की गई। यह चर्चा व्यापार, निवेश, और रक्षा प्रौद्योगिकियों जैसे विषयों को कवर करने की उम्मीद है, जो अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।
आगे देखते हुए, रुबियो की यात्रा ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में भविष्य के सहयोग के लिए रास्ता प्रशस्त करने की उम्मीद है, जिसमें संभावित समझौतों पर चर्चा की जाएगी। इस यात्रा के परिणाम अमेरिका-भारत संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं, विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के संदर्भ में।



