भारत ने जॉर्डन के करक में चर्च पर हमले की निंदा की
जॉर्डन में एक चर्च पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ी निंदा की, जिसमें आठ लोगों की जान गई।
करक, जॉर्डन में एक शोकसभा के दौरान गोलीबारी में आठ लोग मारे गए और 34 घायल हुए।
भारत के विदेश मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी हमले की निंदा की।
भारत ने 23 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन के करक में एक चर्च में हुए घातक गोलीबारी की कड़ी निंदा की है, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए। यह हमला एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में शोकसभा के दौरान हुआ, जब बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे स्थानीय समुदाय में हड़कंप मच गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया।
जॉर्डन के अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की, जिसमें जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक ओबैदुल्ला अल-मायता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के तुरंत बाद सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जो बाद में बढ़कर आठ हो गई। इस हमले ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को जन्म दिया है।
इस त्रासदी के जवाब में, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयस्वाल ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की अडिग स्थिति को दोहराया, यह कहते हुए कि इस प्रकार की हिंसा अस्वीकार्य है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी निंदा व्यक्त की, जॉर्डन सरकार और उसके लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
इस हमले के प्रभाव जॉर्डन से परे हैं, क्योंकि यह धार्मिक समारोहों की सुरक्षा और संभावित सांप्रदायिक हिंसा के बढ़ने की चिंताओं को बढ़ाता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे विशेष रूप से घृणित बताया है क्योंकि यह एक शोकसभा के दौरान हुआ।
आगे देखते हुए, करक में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि जांच जारी है और अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। इस घटना के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया धार्मिक स्थलों की सुरक्षा उपायों और आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई पर नए सिरे से चर्चा को जन्म दे सकती है।

