कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 की मौत
कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई, जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई और जांच शुरू की।
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत हुई।
गृह मंत्री अमित शाह ने घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की।
इस घटना से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो दुर्गा पूजा समिति के सदस्य शामिल हैं।
17 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। यह घटना सप्तमी उत्सव के दौरान हुई, जब बड़ी संख्या में लोग उत्सव में शामिल होने के लिए इकट्ठा हुए थे। इस घटना के बाद, क्षेत्र में और घटनाओं को रोकने के लिए निषेधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
भगदड़ के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और जन सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर चिंताएँ उठी हैं। गवाहों ने बताया कि अचानक बारिश के दौरान गलत सूचनाओं और पुलिस की कमी ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी। पश्चिम बंगाल सरकार अब बड़े आयोजनों के लिए अपनी तैयारियों पर सवालों का सामना कर रही है।
इस त्रासदी के मद्देनजर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 का मुआवजा देने की घोषणा की। गृह मंत्री अमित शाह ने अपोलो अस्पताल जाकर घायलों और उनके परिवारों से मुलाकात की, यह दर्शाते हुए कि सरकार प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, कोलकाता पुलिस ने सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा उपायों के बारे में चिंताएँ बढ़ा दी हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें करेगी। यह समिति भीड़ प्रबंधन, निकासी रणनीतियों और प्रमुख स्थलों की संरचनात्मक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगी।
जांच जारी है, और इस घटना से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और यह निर्धारित करने के लिए गवाहों से पूछताछ कर रही है कि भगदड़ के पीछे के कारण क्या थे। समुदाय इस त्रासदी से दुखी है, और कई परिवारों को इस घटना से गहरा सदमा लगा है।



