1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में 10 लाख लोगों की उम्मीद

कांग्रेस पार्टी की आगामी रैली रामलीला मैदान में राजनीतिक रणनीति और INDIA ब्लॉक की एकता के लिए महत्वपूर्ण है।

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Aapla Nagpur Desk
28 Oct 2026, 10:06 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: NDTV
1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली में 10 लाख लोगों की उम्मीद
खास बातें
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कांग्रेस 1 नवंबर की रैली के लिए 10 लाख लोगों को एकत्रित करने की योजना बना रही है।

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स्थानीय व्यापारियों ने त्योहारों के दौरान संभावित व्यवधानों को लेकर चिंता जताई है।

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रैली की सफलता कांग्रेस की संगठनात्मक शक्ति और भविष्य की रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक महत्वपूर्ण रैली के लिए तैयार है, जिसमें 10 लाख प्रतिभागियों को आकर्षित करने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम पार्टी और व्यापक INDIA गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है, क्योंकि वे वर्तमान सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

रैली की तैयारी के दौरान, कांग्रेस और स्थानीय अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ गया है, विशेष रूप से कार्यक्रम की लॉजिस्टिक्स को लेकर। पहले, पार्टी ने 28 अक्टूबर को 'मॉक पार्लियामेंट' आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन अनुमति की समस्याओं के कारण इसे अशोक होटल में स्थानांतरित किया गया। बाद में, कांग्रेस ने 30 नवंबर को रामलीला मैदान में मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस से आवश्यक अनुमतियाँ नहीं मिली हैं।

स्थानीय व्यापारी रैली को लेकर अपनी चिंताओं को व्यक्त कर रहे हैं, यह डरते हुए कि प्रतिभागियों की भीड़ त्योहारों के दौरान व्यवसाय को बाधित कर सकती है। इन व्यापारियों ने कांग्रेस से रैली के समय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। इसके जवाब में, कांग्रेस के नेता तर्क करते हैं कि बड़ी संख्या में लोग आने से स्थानीय व्यापार को लाभ हो सकता है, क्योंकि आगंतुक क्षेत्र में खरीदारी कर सकते हैं।

राहुल गांधी ने व्यापारियों की चिंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी व्यवधान की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। उन्होंने सरकार की स्थिति की आलोचना की, यह सुझाव देते हुए कि यह सार्वजनिक सुरक्षा और व्यापार संचालन को खतरे में डाल रही है। गांधी के बयान पार्टी की रणनीति को दर्शाते हैं, जो रैली को केवल एक विरोध प्रदर्शन के रूप में नहीं बल्कि चुनावी अन्याय के खिलाफ एक आवश्यक कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस के लिए दांव बहुत ऊँचा है। एक सफल रैली उनकी संगठनात्मक क्षमताओं को मजबूत कर सकती है और भविष्य के अभियानों के लिए गति प्रदान कर सकती है, जबकि एक कमजोर उपस्थिति उनकी समर्थन जुटाने की क्षमता पर सवाल उठा सकती है। 1 नवंबर का कार्यक्रम पार्टी की आगामी रणनीतियों को प्रभावित करने की उम्मीद है और देश भर में आयोजित होने वाली अन्य रैलियों के लिए टोन सेट करेगा। रामलीला मैदान में होने वाले परिणाम कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और INDIA ब्लॉक के भीतर एकता को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे।

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