थेनि में 17 रिमांड कैदी भागे, पुलिस ने शुरू की खोज
थेनि जिले के एक उप-जेल से 17 रिमांड कैदियों के भागने की घटना ने पुलिस को व्यापक खोज अभियान चलाने के लिए मजबूर किया है।
यह घटना 26 अक्टूबर 2026 की रात 11 बजे हुई थी।
अब तक चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक भागा हुआ कैदी है।
पुलिस ने शेष कैदियों को खोजने के लिए 17 विशेष टीमों का गठन किया है।
26 अक्टूबर 2026 की रात, थेनि जिले के थेक्कमपट्टी उप-जेल से 17 रिमांड कैदियों के भागने की एक गंभीर घटना सामने आई। यह घटना रात 11 बजे के आसपास हुई, जब कैदियों ने वार्डरों पर हमला किया और भागने में सफल रहे। इस घटना ने स्थानीय कानून प्रवर्तन को तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर किया है, जिन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ कैदियों ने वार्डर को धोखा देकर कहा कि उनमें से एक को दौरे पड़ रहे हैं। उनकी बात पर विश्वास करते हुए, स्टाफ ने सेल खोला, लेकिन अंदर जाते ही अन्य कैदियों ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद, पुलिस बलों को क्षेत्र को सुरक्षित करने और आगे की भागने की घटनाओं को रोकने के लिए तैनात किया गया।
दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी ने स्थिति की निगरानी के लिए现场 पर पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की कि कुछ घंटों के भीतर, एक भागे हुए कैदी, प्रवीण कुमार, को फिर से पकड़ लिया गया, साथ ही तीन अन्य भी, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गई। पुलिस ने शेष भागे हुए कैदियों की खोज के लिए 17 विशेष टीमों का गठन किया है।
भागे हुए कैदियों के संबंध विभिन्न जिलों, जैसे मदुरै, रामनाथपुरम, सलेम और विलुपुरम से हैं, और वे विभिन्न आपराधिक मामलों में सजा काट रहे थे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे भागे हुए कैदियों के बारे में कोई भी जानकारी देने के लिए संपर्क करें, जिसके लिए संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।
जांच जारी है, और पुलिस शेष कैदियों को खोजने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रही है। यह घटना उप-जेल में सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में गंभीर चिंताओं को उठाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपायों की आवश्यकता को दर्शाती है।




