नासा का 2028 का मंगल मिशन: परमाणु शक्ति की नई दिशा

नासा 2028 में मंगल की ओर एक परमाणु शक्ति से संचालित अंतरिक्ष यान भेजने की योजना बना रहा है, जो नई प्रौद्योगिकी का परीक्षण करेगा।

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Aapla Nagpur Desk
30 Aug 2026, 5:00 AM IST · 1 मिनट वाचन
Source: TOI
नासा का 2028 का मंगल मिशन: परमाणु शक्ति की नई दिशा
खास बातें
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नासा का फ्रीडम मिशन अंतरिक्ष में परमाणु propulsion का परीक्षण करेगा।

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तीन इन्जेन्युटी-शैली के हेलीकॉप्टर मंगल के वातावरण का सर्वेक्षण करेंगे।

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यह मिशन भविष्य के चंद्रमा और मंगल अन्वेषण के लिए अनुभव स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

नासा 2028 के अंत में मंगल की ओर एक अनोखा मिशन शुरू करने जा रहा है, जिसमें फ्रीडम नामक अंतरिक्ष यान एक परमाणु रिएक्टर के साथ होगा। यह नई प्रौद्योगिकी अंतरिक्ष में यात्रा के लिए बिजली उत्पन्न करने का लक्ष्य रखती है, जिससे यह पारंपरिक सौर ऊर्जा की सीमा से बाहर जा सके। फ्रीडम मंगल पर लैंडिंग नहीं करेगा, बल्कि एक फ्लाईबाई करेगा और अपने स्काईफॉल पेलोड को तैनात करेगा, जिसमें तीन हेलीकॉप्टर शामिल हैं जो मंगल के वातावरण का अन्वेषण करेंगे।

यह मिशन नासा की अन्वेषण रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह परमाणु शक्ति से संचालित अंतरिक्ष यानों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। हेलीकॉप्टर केवल हवाई चित्र नहीं लेंगे, बल्कि मौसम की स्थिति को मापेंगे और संभावित बर्फ के जमा की जांच के लिए ग्राउंड-पेनिट्रेटिंग रडार का उपयोग करेंगे। यह पहल चंद्रमा और उससे आगे के भविष्य के मिशनों के लिए परमाणु propulsion की भूमिका को समझने में मदद करेगी।

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