उद्धव सेना की अयोग्यता याचिका समाप्त, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधानसभा की अवधि समाप्त होने के बाद अयोग्यता याचिका आगे नहीं बढ़ सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधानसभा की अवधि समाप्त होने के बाद अयोग्यता की प्रक्रिया नहीं हो सकती।
वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने कहा कि स्पीकर की शक्तियाँ वर्तमान सदस्यों तक सीमित हैं।
चुनाव आयोग का शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता देने का निर्णय बरकरार है।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट द्वारा एकनाथ शिंदे के समूह के खिलाफ दायर की गई अयोग्यता याचिका को समाप्त घोषित कर दिया है। यह निर्णय 28 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के दौरान लिया गया, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने शिंदे गुट का प्रतिनिधित्व किया और तर्क किया कि विधानसभा की अवधि समाप्त होने के बाद यह याचिका आगे नहीं बढ़ सकती।
यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर द्वारा शिंदे गुट के विधायकों को अयोग्य घोषित करने से इनकार के खिलाफ चुनौती से संबंधित है। मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि एक बार विधानसभा की अवधि समाप्त हो जाने पर, विधायकों की सदस्यता समाप्त हो जाती है, जिससे किसी भी अयोग्यता के प्रयास निरर्थक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि ठाकरे गुट की अयोग्यता की घोषणा की मांग कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
मेहता ने आगे कहा कि संविधान के दसवें अनुसूची के तहत स्पीकर की शक्तियाँ केवल वर्तमान सदस्यों तक सीमित हैं। उन्होंने किहोटो होलोहन मामले का हवाला देते हुए कहा कि स्पीकर सदस्यता समाप्त होने के बाद अयोग्यता की घोषणा नहीं कर सकता। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की शक्तियाँ स्पीकर की शक्तियों से आगे नहीं बढ़ सकतीं।
इस निर्णय के प्रभाव केवल संबंधित पक्षों तक सीमित नहीं हैं। यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि विधायी प्रक्रियाएँ संवैधानिक समयसीमा का पालन करें, जिससे भविष्य में अयोग्यता के मामलों को संभालने का तरीका प्रभावित होगा। इसके अलावा, चुनाव आयोग का पहले का निर्णय शिंदे गुट को वैध शिवसेना के रूप में मान्यता देने का भी मजबूत बना रहता है।
आगे देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय भविष्य में अयोग्यता और पार्टी मान्यता से संबंधित मामलों के लिए एक मिसाल कायम करता है। कानूनी समुदाय इस निर्णय के प्रभावों पर नजर रखेगा, विशेष रूप से आंतरिक लोकतंत्र और चुनावों के संचालन के संदर्भ में। ठाकरे गुट के लिए इस निर्णय के बाद अगले कदम अभी अनिश्चित हैं।




