महाराष्ट्र के न्यायिक कर्मचारियों ने वेतन समानता की मांग की
महाराष्ट्र में न्यायिक कर्मचारी उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के साथ समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुंबई में एस्प्लानेड मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर प्रदर्शन
आंदोलन 16 सितंबर से शुरू हुआ, अगला चरण 16-17 अक्टूबर 2026 को
जजों की संघ ने वेतन समानता के लिए समर्थन व्यक्त किया
महाराष्ट्र राज्य न्यायिक कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मुंबई के एस्प्लानेड मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें वे उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के साथ वेतन समानता की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने काले रिबन पहने थे, जो उनके न्यायिक कर्मचारियों के लिए उचित मुआवजे की मांग को दर्शाता है।
यह आंदोलन 16 सितंबर 2023 को शुरू हुआ और यह एक चरणबद्ध statewide अभियान का हिस्सा है। संघ ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को अगली चरण की प्रदर्शनों की घोषणा की है, जो उनके कारण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार के साथ वेतन समानता के प्रस्ताव को लेकर निराशा व्यक्त की है, जो 31 जनवरी 2025 से लंबित है।
सरकार को बार-बार की गई अपीलों का कोई परिणाम नहीं निकला, जिससे संघ को अपने कार्यों को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा। न्यायाधीशों के समुदाय ने भी प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाई है, जो बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित विशेष समिति की सिफारिशों के महत्व को रेखांकित करता है। इस समिति की रिपोर्ट, जो 31 जनवरी 2025 को प्रस्तुत की गई थी, वेतन समानता की मांग का समर्थन करती है।
इस प्रदर्शन के प्रभाव केवल कर्मचारियों की तत्काल मांगों से परे हैं। यदि यह सफल होता है, तो यह महाराष्ट्र में न्यायिक कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना को पुनर्गठित कर सकता है, और अन्य राज्यों में समान कार्यों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। जजों के संघ का समर्थन उनके दावों को और अधिक वजन देता है, जो न्यायिक समानता के लिए व्यापक चिंता को दर्शाता है।
आगे देखते हुए, संघ राज्य सरकार पर दबाव बनाए रखने की योजना बना रहा है क्योंकि वे आगामी प्रदर्शन की तारीखों के लिए तैयारी कर रहे हैं। इन प्रयासों का परिणाम न्यायिक कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना पर भविष्य की वार्ताओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे अगले कुछ महीने इस आंदोलन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

