महाराष्ट्र के IAS और IPS अधिकारियों ने सूखा राहत के लिए एक दिन का वेतन दान किया
महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों की सहायता के लिए IAS और IPS अधिकारियों ने एक दिन का वेतन दान करने का निर्णय लिया है।
14 अक्टूबर 2026 को 305 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
अधिकारियों का दान मुख्यमंत्री राहत कोष में जाएगा।
सरकार ने किसानों के लिए ऋण पुनर्गठन और छात्राओं के लिए शुल्क माफी की घोषणा की।
महाराष्ट्र में गंभीर जल संकट के बीच, वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों ने सूखे से प्रभावित किसानों की सहायता के लिए एक दिन का वेतन दान करने का निर्णय लिया है। यह पहल मुख्यमंत्री राहत कोष का समर्थन करने के लिए है, जो प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण है।
राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग ने 14 अक्टूबर 2026 को 305 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया। इस घोषणा के बाद, सरकार ने इन क्षेत्रों में किसानों के लिए कई राहत उपाय लागू किए हैं। इनमें प्रभावित किसानों के लिए भूमि राजस्व से पूरी छूट, फसल ऋणों का पुनर्गठन, और सभी कृषि ऋण वसूली पर तत्काल रोक शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा शुल्क माफ करने की घोषणा की है। साथ ही, कृषि पंपों से संबंधित मौजूदा बिजली बिलों के लिए विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
IAS और IPS अधिकारियों के संगठन ने सूखा राहत कोष में अपने वेतन योगदान के संबंध में राज्य सरकार को एक आधिकारिक पत्र सौंपा है। निर्वाचित प्रतिनिधि भी इस प्रयास में शामिल हो रहे हैं; उदाहरण के लिए, चिपलून-संगमेश्वर के विधायक शेखर निकम ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को अपने एक महीने के मूल वेतन के बराबर एक चेक दान किया है। इसके अलावा, विधायक रोहित पवार ने सूखा प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 50,000 रुपये और कृषि श्रमिकों को 25,000 रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने की मांग की है।
आगे देखते हुए, सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी जारी रखेगी और किसानों की कठिनाइयों को कम करने के लिए और उपायों की घोषणा कर सकती है। अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास इस चुनौतीपूर्ण समय में कृषि समुदाय का समर्थन करने के लिए बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।



