टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद एकनाथ शिंदे की कार्रवाई की घोषणा
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने मुंबई में अभिनेता की गाड़ी पर फायरिंग के बाद गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया।
एकनाथ शिंदे ने फायरिंग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया।
टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े जिम्मेदारी के दावों की जांच शुरू की।
मुंबई में एक चिंताजनक घटना में, अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई, जिसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ऐसे हिंसक कृत्यों में शामिल गिरोहों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की। शिंदे ने कहा कि सरकार और पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और नागरिकों और सार्वजनिक व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह घटना जुहू क्षेत्र में हुई, जब श्रॉफ एक फुटबॉल मैच के बाद घर लौट रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी बीएमडब्ल्यू पर तीन राउंड फायरिंग की गई, हालांकि अभिनेता को कोई चोट नहीं आई। उनके ड्राइवर को गंभीर स्थिति में नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को घेर लिया और अपराधियों को पकड़ने के लिए बारह टीमों का गठन किया।
शिंदे ने स्पष्ट किया कि पुलिस पहले फायरिंग के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी, उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 1990 के दशक में मुंबई में गिरोहों के खिलाफ की गई कार्रवाई का उल्लेख किया और कहा कि अब भी ऐसे खतरों का मुकाबला करने के लिए समान उपाय किए जाएंगे। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गिरोह से संबंधित घटनाएं क्यों जारी हैं, जबकि कई कथित गिरोह के सदस्य हिरासत में हैं।
यह घटना न केवल मशहूर हस्तियों की सुरक्षा के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। शिंदे के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि सरकार व्यवस्था बहाल करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि गिरोह स्वतंत्र रूप से काम न कर सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का वादा किया।
जांच जारी है, और पुलिस ने अनिल पंडित और हरमन संधू नामक गिरोह के सदस्यों से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट की जांच शुरू की है, जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। चल रही जांच का उद्देश्य जिम्मेदार लोगों को न्याय दिलाना और शहर में सुरक्षा की भावना बहाल करना है।


