संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' टिप्पणी पर विवाद

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की टिप्पणी पर आलोचना और स्पष्टीकरण का दौर जारी है।

A
Aapla Nagpur Desk
5 Oct 2026, 11:56 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: TOI
संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' टिप्पणी पर विवाद
खास बातें
1

संजय दत्त ने कहा कि उन्हें अब भारत में 'शांति' महसूस नहीं होती।

2

भाजपा के एमएलसी परिनय फुके ने दत्त की टिप्पणियों की आलोचना की।

3

दत्त ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियाँ मजाकिया संदर्भ में थीं।

हाल ही में शेखर सुमन के टॉक शो में संजय दत्त ने भारत में 'शांति' की कमी का जिक्र किया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। दत्त ने प्रधानमंत्री की भूमिका में खुद की कल्पना करते हुए यह टिप्पणी की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई।

गांधी जयंती के दिन की गई यह टिप्पणी राष्ट्रीय महत्व की थी, जिसके चलते दत्त को सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। कई उपयोगकर्ताओं ने उनके शब्दों पर असंतोष व्यक्त किया, जिसके बाद दत्त ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियाँ एक स्क्रिप्टेड, हास्यपूर्ण बातचीत का हिस्सा थीं और उनका उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं था।

भाजपा के सदस्य परिनय फुके ने इस मामले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि दत्त की उम्र उनके निर्णय पर असर डाल रही है। ANI से बातचीत में फुके ने कहा, "संजय दत्त सही तरीके से नहीं सोच रहे हैं; उम्र के प्रभाव दिखने लगे हैं... शायद उन्हें पाकिस्तान या येरवडा जेल में शांति मिलती है—अगर ऐसा है, तो उन्हें वहां जाना चाहिए।" इस टिप्पणी ने दत्त के शब्दों के चारों ओर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया।

दत्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियाँ मजाकिया थीं, जो उनके मुन्ना भाई के किरदार की हल्की-फुल्की भावना के समान थीं। उन्होंने कहा, "मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मेरा उद्देश्य किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्थान की भावनाओं को आहत करना नहीं था।"

इस विवाद के प्रभाव केवल दत्त तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत में सार्वजनिक संवाद की संवेदनशीलता को भी उजागर करता है। जैसे-जैसे राष्ट्रीय पहचान और शांति के मुद्दों पर चर्चा जारी है, दत्त की टिप्पणियों ने एक व्यापक संवाद को जन्म दिया है। आगे बढ़ते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घटना दत्त की सार्वजनिक छवि और करियर को कैसे प्रभावित करती है।

💬इस खबर पर आपकी क्या राय है?आपकी राय क्या है?

आगे पढ़ें