पेंच जलाशय का स्तर 47.85% पर गिरा, नागपुर में जल संकट

पेंच जलाशय का भंडारण 50% से नीचे गिरने पर, नागपुर नगर निगम ने पीने के पानी के लिए 190 एमसीएम की मांग की।

A
Aapla Nagpur Desk
17 Oct 2026, 6:13 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: Nagpur Today
पेंच जलाशय का स्तर 47.85% पर गिरा, नागपुर में जल संकट
खास बातें
1

पेंच जलाशय का भंडारण 47.85% है।

2

NMC ने पीने के पानी के लिए 190 मिलियन क्यूबिक मीटर की मांग की।

3

किसानों को जल संकट के कारण रबी फसलों के लिए अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

नागपुर में जल सुरक्षा एक गंभीर समस्या बन गई है क्योंकि पेंच जलाशय प्रणाली का भंडारण स्तर 47.85% तक गिर गया है। इस चिंताजनक गिरावट के कारण नागपुर नगर निगम (NMC) ने शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 190 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) आवंटन की औपचारिक मांग की है। जलाशय के स्तर अब उसकी डिज़ाइन की गई क्षमता के आधे से भी कम हो गए हैं, जिससे निवासियों और अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।

जल भंडारण में गिरावट न केवल शहरी जल आपूर्ति को खतरे में डालती है, बल्कि क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के लिए भी जोखिम पैदा करती है। जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन में यह संकेत दिया गया है कि 2026-27 के लिए रबी-सीजन की सिंचाई जलाशय के कमांड क्षेत्र में संभव नहीं हो सकेगी। इससे उन किसानों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है जो सर्दियों की फसल के लिए जलाशय पर निर्भर हैं।

NMC की 190 एमसीएम की मांग जल संसाधनों को सुरक्षित करने की तात्कालिकता को उजागर करती है। जैसे-जैसे शहर घटते भंडार के साथ जूझ रहा है, अधिकारियों को शहरी पेयजल की आवश्यकताओं और कृषि मांगों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जल आवंटन के संबंध में अंतिम निर्णय यह निर्धारित करेंगे कि सीमित आपूर्ति कैसे वितरित की जाएगी।

वर्तमान स्थिति नागपुर में सूखे के मौसम के करीब आने के साथ प्रभावी जल संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता को उजागर करती है। अधिकारियों ने जल बर्बादी को कम करने, लीक को ठीक करने और निवासियों के बीच जिम्मेदार जल उपयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया है। ये उपाय शहर के उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए आवश्यक होंगे।

आगे देखते हुए, आने वाले सप्ताह नागपुर के लिए महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि अधिकारी पेंच जलाशय के भंडार को प्रबंधित करने के लिए काम कर रहे हैं। इस अवधि में किए गए निर्णय शहर की पेयजल आपूर्ति और कृषि की संभाव्यता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे, जिससे सभी हितधारकों के लिए त्वरित और जिम्मेदार कार्रवाई करना अनिवार्य हो जाएगा।

💬इस खबर पर आपकी क्या राय है?आपकी राय क्या है?

आगे पढ़ें