गोधानी क्लोरीन रिसाव मामले में लापरवाही के आरोप

गोधानी जल उपचार संयंत्र में क्लोरीन रिसाव के बाद ठेकेदार और आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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Aapla Nagpur Desk
17 Oct 2026, 12:02 AM IST · 2 मिनट वाचन
Source: TOI
गोधानी क्लोरीन रिसाव मामले में लापरवाही के आरोप
खास बातें
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ठेकेदार और क्लोरीन आपूर्तिकर्ता पर लापरवाही के आरोप लगाए गए।

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यह घटना 24 अगस्त को हुई, जिसमें 50 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हुए।

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जांच में सुरक्षा उपायों और आपातकालीन प्रोटोकॉल की कमी का खुलासा हुआ।

मंकरपुर पुलिस ने गोधानी जल उपचार संयंत्र में क्लोरीन रिसाव के मामले में ठेकेदार और क्लोरीन टनर आपूर्तिकर्ता के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए हैं। यह घटना 24 अगस्त को हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप 50 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे। जिला कलेक्टर ने इस मामले की जांच का आदेश दिया था।

महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) के अधिकारियों द्वारा दर्ज शिकायत में क्लोरीन गैस के लापरवाह प्रबंधन, जीवन को खतरे में डालने वाले कार्यों और सार्वजनिक उपद्रव के आरोप शामिल हैं। रिसाव एक 900 किलोग्राम क्लोरीन टनर से हुआ था, जिसे रात के समय सुरक्षित नहीं रखा गया था।

जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद के निर्देश पर हुई जांच में संयंत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर कमी सामने आई। मंकरपुर पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक हरेश कालसेकर ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि लापरवाही इस घटना का मुख्य कारण थी। उन्होंने बताया कि रिसाव के बाद गैस को नियंत्रित करने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि गैस सेंसर और अलार्म गायब थे, न्यूट्रलाइजेशन सिस्टम की कमी थी, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण अपर्याप्त थे, और आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना का कोई स्पष्ट खाका नहीं था। टनर को खुले में रखा गया था, जिससे सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल उठते हैं।

जांच जारी है और अधिकारियों ने कुछ MJP अधिकारियों की भी लापरवाही में संलिप्तता पर विचार किया है। पुलिस आरोपियों और संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाने की योजना बना रही है, ताकि जल्द से जल्द एक मजबूत आरोप पत्र तैयार किया जा सके।

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