कांग्रेस ने नागपुर MLC चुनाव में BJP को हराया, अभिजीत वंजारी की जीत

कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स सीट पर BJP के सुधाकर कोहले को हराया।

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Aapla Nagpur Desk
29 Oct 2026, 11:10 AM IST · 3 मिनट वाचन
Source: Telegraphindia
कांग्रेस ने नागपुर MLC चुनाव में BJP को हराया, अभिजीत वंजारी की जीत
खास बातें
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अभिजीत वंजारी ने 3,271 मतों से सुधाकर कोहले को हराया।

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यह जीत नागपुर में BJP के लिए एक बड़ा झटका है।

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कांग्रेस ने PM मोदी की टिप्पणियों की आलोचना की, महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान देने की अपील की।

एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उलटफेर में, कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स सीट को सफलतापूर्वक बरकरार रखा है, BJP के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों के अंतर से हराया। वंजारी ने कुल 67,231 वोट प्राप्त किए, जबकि कोहले को 63,960 वोट मिले। यह जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से BJP के नियंत्रण में रहा है, जहां कोहले के पूर्ववर्ती, नितिन गडकरी, ने 24 वर्षों तक MLC पद धारण किया था।

इस चुनाव का पृष्ठभूमि नागपुर की राजनीतिक इतिहास में निहित है, जो न केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय है, बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे प्रमुख BJP नेताओं का गृह नगर भी है। फडणवीस और गडकरी दोनों ने कोहले के लिए जोरदार प्रचार किया, लेकिन चुनाव परिणामों ने मतदाताओं की भावना में बदलाव को दर्शाया है, विशेष रूप से बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के संदर्भ में।

चुनाव परिणामों के जवाब में, कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना की, जिन्होंने पहले अन्य राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन का मजाक उड़ाया था। रमेश ने मोदी को BJP की हार पर विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, विशेष रूप से वाराणसी में, और नागपुर जैसे गढ़ में हार के निहितार्थों पर। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे लाखों परिवारों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दें, बजाय इसके कि वे राजनीतिक ट्रोलिंग में संलग्न हों।

इस चुनाव के परिणाम नागपुर से परे प्रभाव डालते हैं, क्योंकि यह महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में मतदाताओं के बीच असंतोष के व्यापक रुझान को दर्शाता है। BJP और उसके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भागीदारों ने चार राज्यों में 28 में से 16 सीटें जीती हैं, लेकिन नागपुर में हार उनके लिए एक महत्वपूर्ण झटका है। कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में जीत भविष्य के चुनावों की दिशा में एक बदलाव का संकेत दे सकती है।

आगे देखते हुए, कांग्रेस पार्टी इस जीत का लाभ उठाने के लिए तैयार है क्योंकि वे आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयारी कर रहे हैं। पार्टी की नेतृत्व टीम इस गति का उपयोग समर्थन जुटाने और मतदाताओं को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों को संबोधित करने के लिए कर सकती है। जैसे-जैसे राजनीतिक परिदृश्य विकसित होता है, कांग्रेस और BJP दोनों को मतदाताओं की बदलती भावनाओं के आलोक में अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से महाराष्ट्र में, जहां अगले चुनावों की उम्मीद है कि वे तीव्र प्रतिस्पर्धा में होंगे।

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