अभिजीत वांजारी ने भाजपा के नागपुर गढ़ में MLC सीट बरकरार रखी
कांग्रेस नेता अभिजीत वांजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराकर नागपुर में महत्वपूर्ण जीत हासिल की।
अभिजीत वांजारी ने नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में 3,271 मतों से जीत हासिल की।
यह जीत चार राज्यों में हालिया MLC चुनावों में कांग्रेस की एकमात्र सफलता है।
वांजारी की जीत भाजपा और RSS के पारंपरिक गढ़ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कांग्रेस नेता अभिजीत गोविंदराव वांजारी ने महाराष्ट्र विधान परिषद में अपनी सीट बरकरार रखते हुए भाजपा के उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराया है। यह जीत नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में वांजारी की स्थिति को मजबूत करती है, जो भाजपा के प्रभाव का गढ़ माना जाता है।
अभिजीत वांजारी की यह जीत चार राज्यों में हालिया MLC चुनावों में कांग्रेस की एकमात्र सफलता है। वांजारी ने 67,231 मत प्राप्त किए, जबकि कोहले को 63,960 मत मिले, जिससे उन्होंने दूसरी बार इस सीट पर जीत हासिल की।
यह चुनावी परिणाम महत्वपूर्ण है क्योंकि नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह शहर है। वांजारी की जीत भाजपा के लिए एक झटका है, जिसने दशकों से इस क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति बनाए रखी है। वांजारी ने दिसंबर 2020 में पहली बार इस निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की थी, जिसने भाजपा के 58 साल के नियंत्रण को समाप्त किया।
वांजारी की राजनीतिक यात्रा छात्र सक्रियता से शुरू हुई थी, और उन्होंने कांग्रेस पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्होंने राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के महासचिव के रूप में कार्य किया है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से डिग्रियां शामिल हैं, और वे विदर्भ क्षेत्र में कई कॉलेजों के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
आगे देखते हुए, वांजारी की जीत न केवल महाराष्ट्र विधान परिषद में उनकी प्रभावशीलता को बढ़ाती है, बल्कि भाजपा के राजनीतिक विचारधारा से जुड़े शहर में कांग्रेस की स्थिति को भी मजबूत करती है। जैसे-जैसे पार्टी अपने भविष्य की रणनीतियों को तैयार करती है, वांजारी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


