सेंसेक्स में 877 अंकों की गिरावट, बाजार में हलचल

आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 877 अंक गिर गया, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ।

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Aapla Nagpur Desk
19 Oct 2026, 3:27 PM IST · 2 मिनट वाचन
Source: NDTV
सेंसेक्स में 877 अंकों की गिरावट, बाजार में हलचल
खास बातें
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सेंसेक्स 877 अंक गिरकर 67,000 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257 अंक गिरा।

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निवेशकों ने लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण खो दिया।

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मुख्य कारणों में बड़े बैंक शेयरों में गिरावट और विदेशी निवेशकों का पैसा निकालना शामिल है।

आज भारतीय शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स 877 अंकों की गिरावट के साथ 67,000 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 257 अंक गिर गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 94.87 पर हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की, लेकिन इससे बाजार की गिरावट को रोकने में मदद नहीं मिली।

यह गिरावट कई कारकों के कारण हुई है जो बाजार की अस्थिरता में योगदान कर रहे हैं। बड़े बैंक शेयरों में गिरावट ने बाजार को प्रभावित किया है, कई निजी बैंकों ने कमजोर प्रदर्शन की रिपोर्ट की है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों का लगातार पैसा निकालना भी बाजार की समस्याओं में इजाफा कर रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय निवेशक वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पूंजी निकालते जा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतें, जो एक चिंता का विषय बनी हुई हैं, ने भी आज के बाजार के मूड को प्रभावित किया।

बीएसई सेंसेक्स की सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण शुक्रवार के बंद से घटकर 4,67,47,788 करोड़ रुपये हो गया, जो कि लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बाजार गिरावट का कारण प्रमुख बैंक शेयरों का कमजोर प्रदर्शन और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव है, जिसने निवेशकों को चिंतित कर दिया है।

इस बाजार गिरावट के प्रभाव व्यापक हैं, न केवल निवेशकों के लिए बल्कि समग्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी। धन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खत्म होने के साथ, उपभोक्ता विश्वास प्रभावित हो सकता है, जो खर्च और निवेश में कमी का कारण बन सकता है। बाजार की अस्थिरता विदेशी निवेश को भी हतोत्साहित कर सकती है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे स्थिति विकसित होती है, बाजार विश्लेषक विभिन्न क्षेत्रों पर इसके प्रभाव पर करीबी नजर रख रहे हैं।

आगे देखते हुए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्क रहें क्योंकि बाजार इन उथल-पुथल भरे पानी में नेविगेट कर रहा है। आगामी आर्थिक डेटा रिलीज और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से संभावित नीतिगत प्रतिक्रियाएँ बाजार की भावना को आकार देने में महत्वपूर्ण होंगी। व्यापारियों को निफ्टी इंडेक्स के प्रमुख समर्थन स्तरों पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जो वर्तमान में 22,900-23,000 के आसपास मंडरा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो और गिरावट का संकेत मिल सकता है, जबकि एक पुनरुत्थान कुछ निवेशक विश्वास को बहाल कर सकता है।

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