22 अक्टूबर: तेल की कीमतों में वृद्धि से बाजार पर असर
तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ, भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की आशंका है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.2% बढ़कर $110.11 प्रति बैरल हो गईं।
Persistent Systems ₹42,646.10 मिलियन जुटाने की योजना बना रहा है।
IHCL ने Q2 में राजस्व में वृद्धि की लेकिन खर्च भी बढ़े।
22 अक्टूबर को, भारतीय शेयर बाजार के खुलने की संभावना काफी नकारात्मक है, क्योंकि GIFT NIFTY फ्यूचर्स NIFTY50 इंडेक्स में 104 अंकों की गिरावट का संकेत दे रहे हैं। यह गिरावट मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण हो रही है, खासकर हालिया हूथी हमलों के बाद।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2% बढ़कर $110.11 प्रति बैरल हो गए हैं, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1% बढ़कर $98.12 हो गया है। ये मूल्य वृद्धि अपस्ट्रीम तेल उत्पादकों को लाभ पहुंचा सकती है, लेकिन ओएमसी जैसे IOC, BPCL और HPCL के लिए लागत बढ़ा सकती है। इसके अलावा, विमानन और पेंट जैसे ईंधन पर निर्भर क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ेगा।
कॉर्पोरेट समाचारों में, Persistent Systems ने अपनी बोर्ड की विशेष समिति द्वारा एक नई इक्विटी इश्यू को मंजूरी दी है, जिसका फर्श मूल्य ₹5,550 प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी इस पहल के तहत $450 मिलियन, लगभग ₹42,646.10 मिलियन जुटाने की योजना बना रही है। पिछले तिमाही में, Persistent ने ₹65 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो कि 35.87% की वृद्धि है।
इस बीच, भारतीय होटल कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 22% की राजस्व वृद्धि की सूचना दी है, जो ₹2,484.32 करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि, इसके खर्च भी काफी बढ़ गए हैं, जिससे शुद्ध लाभ ₹318.26 करोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि उसने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है, जिसमें प्रति उपलब्ध कमरे (RevPAR) में 25% की वृद्धि और प्रबंधन शुल्क आय में वृद्धि शामिल है।
आगे देखते हुए, बाजार विश्लेषक विभिन्न क्षेत्रों और कंपनियों पर बढ़ती क्रूड तेल की कीमतों के प्रभाव की बारीकी से निगरानी करेंगे। 22 अक्टूबर को शेयर बाजार का खुलना आने वाले दिनों में व्यापार की दिशा तय करेगा।

