केविन वार्श के भाषण का भारतीय बाजारों पर प्रभाव
केविन वार्श के जैक्सन होल में हाल के भाषण ने ब्याज दरों में वृद्धि की आशंकाओं को बढ़ा दिया है, जिससे भारतीय शेयर बाजार और कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
अमेरिकी फेड दर वृद्धि की अटकलें बढ़ीं
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रहने की उम्मीद
सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव
केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में हाल के भाषण ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि के बारे में महत्वपूर्ण अटकलें पैदा की हैं। उनके बयान के बाद, सितंबर की बैठक में दर वृद्धि की संभावना 35.4% से बढ़कर 55.7% हो गई, जैसा कि CME ग्रुप के फेडवॉच टूल में देखा गया। इससे वैश्विक बाजारों, विशेष रूप से भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव की आशंका बढ़ गई है, जो सप्ताह की शुरुआत में सपाट रहने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और आक्रामक दांव लगाने के बजाय चयनात्मक अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस भाषण ने सोने और चांदी पर निरंतर बिक्री दबाव की अपेक्षाएं भी बढ़ा दी हैं, और इन बाजारों में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी की जा रही है। निफ्टी और सेंसेक्स जैसे प्रमुख सूचकांकों के लिए तकनीकी दृष्टिकोण रेंज-बाउंड प्रवृत्ति को दर्शाता है, जिसमें महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।




